10 years of ‘Zindagi Na Milegi Dobara’: Zoya Akhtar and Reema Kagti said- Work is going on ZNMD Part-2; we can make the next part with the star cast of Part-1 | जोया अख्‍तर और रीमा कागती ने कहा-ZNMD के पार्ट-2 पर हो रहा है काम, पार्ट-1 के कलाकारों के साथ ही बना सकते हैं अगला पार्ट

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मुंबई19 घंटे पहलेलेखक: अमित कर्ण

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साल 2011 में रिलीज हुई ऋतिक रोशन स्टारर फिल्म ‘जिंदगी ना मिलेगी दोबारा’ को आज (15 जुलाई) 10 साल पूरे हो गए हैं। जोया अख्‍तर निर्देशन में बनी इस फिल्म में ऋतिक के अलावा फरहान अख्‍तर, अभय देओल, कटरीना कैफ और कल्‍क‍ि कोचलिन भी मुख्य भूमिकाओं में थे। इस फिल्म की स्टोरी और स्‍क्रीनप्‍ले को जोया ने रीमा कागती के साथ मिलकर तैयार किया था। फिल्‍म के 10 साल होने के मौके पर जोया और रीमा दोनों ने ऐलान किया है कि इसका पार्ट-2 भी लाया जाएगा। दोनों ने दैनिक भास्‍कर से खास बातचीत में कहा, “सीक्वल लाने का टॉपिक तो हम सब के बीच बार बार आता है। हम दरअसल देख रहें हैं कि अगले पार्ट की कहानी क्‍या शक्‍ल लेगी। हम जिन भी किरदारों के साथ आगे बढ़ेंगे, उनकी स्‍टोरी दिलचस्‍प होनी चाहिए। नहीं तो इसका सीक्वल किसी और फॉर्म में लाना बेहतर होगा।

पार्ट-1 के किरदारों और कलाकारों के साथ ही बना सकते हैं अगला पार्ट
जोया और रीमा आगे कहती हैं, “हम लोग दोनों विकल्‍पों पर गौर फरमा रहें हैं। या तो हम पार्ट वन के किरदारों और कलाकारों के साथ ही अगला पार्ट बना सकते हैं, या फिर पार्ट वन में जो फिल्‍म की स्पिरिट थी उसी को बरकरार रखते हुए नए कैरेक्‍टर्स और घटनाक्रम पर अगला पार्ट बनाया जाएगा। जैसे ‘दिल चाहता है’ और ‘जिंदगी ना मिलेगी दोबारा’ में था। दोनों में कैरेक्‍टर्स और घटनाक्रम अलग थे, मगर स्पिरिट एक सी थी।”

रोड ट्रिप जॉनर को ध्‍यान में रख फिल्‍म लिखनी और बनानी शुरू की​​​​​​​ थी
जोया और रीमा ने फिल्‍म के पार्ट वन की मेकिंग का किस्‍सा भी साझा किया। जोया ने कहा, “मैंने साल 2009 में ‘लक बाय चांस’ रिलीज की थी। उस फिल्‍म में इतना बड़ा कास्‍ट था कि मैंने रीमा से कहा कि अगली फिल्‍म में मुझे बस तीन मुख्‍य कलाकारों की कास्‍ट चाहिए। तो ‘जिंदगी ना मिलेगी..’ की शुरूआत वहां से हुई। फिर मुझे और रीमा को रोड ट्रिप बहुत पसंद रहीं हैं। हम दोनों ने इंडिया और अब्रॉड में भी काफी रोड ट्रिप किया है। उन ट्रिपों पर मुझे फील होता था कि एक उस जॉनर पर फिल्‍म होनी चाहिए। तो हमने कम स्‍टार कास्‍ट और रोड ट्रिप जॉनर को ध्‍यान में रख फिल्‍म लिखनी और बनानी शुरू की।”

फिल्म में कुछ भी थोपा हुआ या मैनिपुलेटिव नहीं था​​​​​​​
रीमा कागती के मुताबिक, “लोगों को इस तरह की फिल्‍में इसलिए पसंद आती हैं, क्‍योंकि इसकी लिखाई में कोई फॉर्मेट या फॉर्मूला नहीं होता। किरदारों की जिंदगी से जो भी ख्‍वाहिशें थीं, उन्‍हें हमने बड़े ऑर्गेनिक यानी स्‍वाभाविक अंदाज में पेश किया था। कुछ भी थोपा हुआ या मैनिपुलेटिव नहीं था।” इस बारे में जोया ने कहा, “उस फिल्‍म में हमारे किरदारों का कोई ग्राफ नहीं था। उसके बजाय शुरूआत में वो इमोशनली कैसे हैं और एक जर्नी उन्‍हें आखिर में क्‍या बदलाव लाएगी, उसे ध्‍यान में रख कैरेक्‍टर क्रिएशन किए गए।”

स्पेन में फेस्टिवल के दीनों में ही फिल्माए थे टोमैटो और बुल वाले सीक्वेंस
शूट के दौरान कई रोमांचक अनुभव रहे। जोया ने कहा, “रोड ट्रिप की फिल्‍म थी तो हम हर दूसरे दिन स्‍पेन में अलग शहर में होते थे। फिल्‍म में जो टोमैटो या बुल वाले सीक्वेंस थे, उन्‍हें फिल्‍माने के मामले में हम लकी थे, क्‍योंकि वो दोनों फेस्टिवल वहां उन्‍हीं दिनों हो रहे थे। रीमा ने उनके वाइड शॉट लेकर रख लिए थे। फेस्टिवल खत्‍म होने पर गर्वनमेंट ने हमें वो लोकेशन दे दी थी। तब हमने क्‍लोजअप शॉट लेने शुरू किए। इससे वो दोनों सीन बड़े ऑथेंटिक हो गए। टोमैटो वाले सीन करने के बाद तो खैर स्‍टारकास्‍ट ने महीनों टमाटरों को देखा तक नहीं, उसकी स्‍मेल जो ऐसी खतरनाक सबको लगी थी।”​​​​​​​

पुर्तगाल से कई ट्रक टमाटर मंगवा कर उस सीन को शूट करना पड़ा था
रीमा कागती ने फिल्म के सीन के शूट से जुड़ा एक और रोचक किस्सा शेयर किया। उन्होंने बताया, “दरअसल ला टोमैंटिना फेस्टिवल तो खत्‍म हो चुका था, उसे हमारी सेकेंड यूनिट ने फिल्‍माया था। फेस्टिवल के अगले दिन पूरे स्‍पेन में टमाटर नहीं थे। ऐसे में हमारी मेन यूनिट को सेम लोकेशन पर गाना शूट करने में काफी दिक्‍कतें हो रही थीं। लिहाजा हमारे प्रोड्यूसर रितेश सिधवानी को फिर पुर्तगाल से कई ट्रक टमाटर मंगवा कर उस सीन को शूट करना पड़ा।”

हमने जिन किरदारों में जिन कलाकारों को सोचा था, सब उसी पर एग्री हो गए थे​​​​​​​
जोया ने फिल्‍म में कलाकारों के चयन की भी डिटेल शेयर की। उन्‍होंने बताया, “इमरान कुरेशी का किरदार तो हमने फरहान के लिए ही लिखा था। हालांकि फरहान फिल्‍म के प्रोड्यूसर भी थे। उन्‍होंने कहा कि अगर यह किरदार ऋतिक को पसंद आए तो उन्‍हें ही देना। सौभाग्‍य से ऋतिक को फिल्‍म में अर्जुन सलूजा ही पसंद आया। अभय देओल कहीं और किसी फिल्‍म की शूट कर रहे थे। ऐसे में उन्‍हें कहानी ईमेल की थी। वो भी इसलिए तैयार हुए कि उन्‍हें कबीर दीवान का ही किरदार चाहिए था। ऐसे में हमारे लिए यह बड़ी अच्‍छी चीज हो गई कि हमने जिन किरदारों में जिन कलाकारों को सोचा था, वो सब भी उसी पर एग्री हो गए थे।”

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