Devika Rani given first break to Dilip Kumar in Bollywood, know his journey | बॉलीवुड में देविका रानी ने दिलीप कुमार को दिया था पहला ब्रेक; 19 साल की उम्र में पहली फिल्म के लिए 1250 रुपए मिले थे

Devika Rani given first break to Dilip Kumar in Bollywood, know his journey | बॉलीवुड में देविका रानी ने दिलीप कुमार को दिया था पहला ब्रेक; 19 साल की उम्र में पहली फिल्म के लिए 1250 रुपए मिले थे

5 मिनट पहले

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बॉलीवुड के ट्रेजडी किंग दिलीप कुमार बुधवार को 98 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह गए। दिलीप साहब का बॉलीवुड करियर फिल्म ‘ज्वार भाटा’ (1944) से शुरू हुआ था। 1947 में उन्होंने ‘जुगनू’ में काम किया। इस फिल्म की कामयाबी ने दिलीप साहब को चर्चित कर दिया।

इसके बाद उन्होंने ‘शहीद’, ‘अंदाज’, ‘दाग’, ‘दीदार’, ‘मधुमति’, ‘देवदास’, ‘मुसाफिर’, ‘नया दौर’, ‘आन’, ‘आजाद’ जैसी कई सुपरहिट फिल्मों में काम किया। अपने अभिनय से वो स्वतंत्र भारत के पहले दो दशकों में लाखों युवा दर्शकों के दिलों की धड़कन बन गए थे। उन्होंने अभिनय के माध्यम से कई मुद्दों को ब्लैक एंड वाइट सिनेमा के पर्दे पर प्रस्तुत किया।

दिलीप साहब ट्रेजेडी किंग के साथ ऑलराउंडर एक्टर भी कहे जाते थे। 25 साल की उम्र में वे देश के नंबर वन एक्टर के रूप में स्थापित हो गए थे। राजकपूर और देव आनंद के आने से ‘दिलीप-राज-देव’ की फेमस त्रिमूर्ति ने लोगों के दिलों पर लंबे समय तक राज किया।

दिलीप कुमार प्रतिष्ठित फिल्म निर्माण संस्था बॉम्बे टॉकीज की देन हैं, जहां देविका रानी ने उन्हें काम और नाम दिया। यहीं वे यूसुफ सरवर खान से दिलीप कुमार बने और यहीं उन्होंने अभिनय की बारीकियां सीखीं। पहली फिल्म ‘ज्वार भाटा’ के लिए उन्हें 1250 रुपए मिले थे। उस वक्त उनकी उम्र महज 19 साल थी।

कभी पैसे के पीछे नहीं भागे
अशोक कुमार और शशधर मुखर्जी ने फिल्मिस्तान की फिल्मों में लेकर दिलीप कुमार के करियर को सही दिशा में आगे बढ़ाया। फिर नौशाद, महबूब, बिमल राय, के. आसिफ और दक्षिण के एसएस वासन ने दिलीप के साथ काम कर कई चर्चित फिल्में बनाईं।

44 साल की उम्र में अभिनेत्री सायरा बानो से शादी करने तक दिलीप कुमार ऐसी कई कर फिल्में चुके थे, जिनके लिए आज उन्हें याद किया जाता है। बाद में उन्होंने काम और आराम का फंडा अपना लिया। दिलीप साहब ने अपनी प्रतिष्ठा और लोकप्रियता को पैसा कमाने के लिए कभी नहीं भुनाया।

पद्मभूषण से दादा साहब फाल्के तक

इस महानायक ने अपने करियर के दौरान महज 55-60 फिल्में की हैं। उन्होंने हमेशा इस बात का ध्यान रखा कि अभिनय के चलते उनकी इमेज खराब ना हो। दिलीप कुमार को उनके अभिनय के लिए भारत सरकार ने 1991 में पद्मभूषण से नवाजा था। वहीं, 1995 में फिल्म का सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान दादा साहब फाल्के अवॉर्ड भी उन्हें मिल चुका है। इतना ही नहीं, पाकिस्तान सरकार ने भी उन्हें 1997 में ‘निशान-ए-इम्तियाज’ से नवाजा, जो पाकिस्तान का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है।

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