Director Abhinay Deo on 10 years of Imran khan Starrer ‘Delhi Belly’ | डायरेक्टर अभिनय देव बोले-‘देली बेली’ का सेकंड पार्ट तो नहीं, लेकिन उस जोनर की फिल्म लिखकर है तैयार

Director Abhinay Deo on 10 years of Imran khan Starrer ‘Delhi Belly’ | डायरेक्टर अभिनय देव बोले-'देली बेली' का सेकंड पार्ट तो नहीं, लेकिन उस जोनर की फिल्म लिखकर है तैयार

मुंबई17 मिनट पहलेलेखक: उमेश कुमार उपाध्याय

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एक्टर इमरान खान स्टारर ‘देली बेली’ को आज 10 साल पूरे हो गए हैं। यह फिल्म 1 जुलाई 2011 को रिलीज की गई थी। डायरेक्टर अभिनय देव की इस फिल्म में इमरान के अलावा वीर दास, कुणाल रॉय कपूर, पूर्णा जगन्नाथन और शेनाज टेजरीवाला अहम भूमिका में थे। अब आज ‘देली बेली’ के 10 साल पूरे होने के खास मौके पर डायरेक्टर अभिनय देव ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत में फिल्म से जुड़ी कई बातें और किस्से शेयर किए हैं। साथ ही उन्होंने फिल्ममेकिंग और इसके सीक्वल को लेकर भी कुछ बातें शेयर की हैं।

सात-आठ महीने तक चली कास्टिंग प्रोसेस, सैकड़ों को किया गया कंसीडर
देली बेली फिल्म के लिए नए और पुराने सभी एक्टर्स का ऑडिशन लेना पड़ा, क्योंकि भाषा और परफॉर्में के लिहाज से यह अलग टाइप की फिल्म थी। कास्टिंग डायरेक्टर ने इंडस्ट्री से काफी नाम सुझाए थे। उस टाइम पर रणबीर कपूर का भी एक नाम था। उनसे बात भी हुई थी। लेकिन किसी न किसी कारण से बात नहीं बनी। इस तरह सात-आठ महीने तक कास्टिंग प्रोसेस चली। इंडस्ट्री के तमाम नए और स्टेब्लिश एक्टर्स को कंसीडर किया गया। यह कहना गलत नहीं होगा कि कास्टिंग के लिए सैंकड़ों स्टार्स को कंसीडर किया गया था। फाइनली इमरान खान, वीर दास, कुणाल रॉय कपूर की उम्दा कास्टिंग लगी। फिर तो इनके बॉडी लैंग्वेज, स्टाइल पर काफी वर्कशाप किया गया।

सेंसर बोर्ड के पास अप्लीकेशन लेकर गए कि हमें एडल्ट फिल्म का ही सर्टिफिकेट दें
यह पहली फिल्म थी, जिसमें कॉलेज के लड़के-लड़कियां जिस तरह बात करते हैं, उस तरह से फिल्म बनाई। उसमें कोई कसर नहीं छोड़ी। मेरे खयाल से यही फिल्म बनाने की बहुत बड़ी चुनौती रही, जिसे आमिर खान प्रोडक्शन और बतौर डायरेक्टर मैंने खुद ली। मुझसे बहुत लोग कहते थे कि इसमें तो काफी गालियां हैं। मेरा जवाब होता था कि रियल लाइफ में ऐसी भाषा ठीक लगती है, पर पिक्चर में ठीक नहीं लगती। इसमें कुछ एडल्ट सीन भी थे, लेकिन हमने एक एडल्ट फिल्म ही बनाई थी। कभी नहीं कहा कि यह बच्चों के लिए फिल्म है। उल्टा सेंसर बोर्ड से भी बोला था कि हमें एडल्ट फिल्म का ही सर्टिफिकेट दें, प्लीज। हम इंडियन हिस्ट्री में ऐसे पहले लोग थे, जो सेंसर बोर्ड के पास लिखित अप्लीकेशन लेकर गए थे कि हमें एडल्ट फिल्म का सर्टिफिकेट दीजिए। इस तरह बिना कट हमें सेंसर बोर्ड ने एडल्ट फिल्म का सर्टिफिकेट दे दिया था।

शूटिंग के समय सभी आश्चर्य में थे, किस टाइप की फिल्म है यह
शूटिंग करने गए, तब लोगों को विश्वास नहीं हो रहा था कि यह कैसा सीन शूट कर रहे हैं। स्टार्स कैसी भाषा बोल रहे हैं। बाकी के एक्टर और एक्स्ट्रॉज को भी लग रहा था कि यह कैसी फिल्म बन रही है। मेरे बारे में लोगों को जब पता चला कि रमेश देव और सीमा देव का बेटा हूं, तब लोग कहने लगे कि आप तो इतने बड़े कलाकार के सुपुत्र हैं। फिर आप इस टाइप की फिल्म क्यों बना रहे हैं। उस समय लगा कि काफी लोग मुझसे नाराज हो रहे हैं कि ऐसी फिल्म कैसे बना रहे हो। लेकिन फिल्म देखने के बाद किसी को ज्यादा दिक्कत नहीं हुई।

सबसे बड़ा एक्शन सीक्वेंस शूट किया, क्योंकि एक्शन डायरेक्टर बीमार पड़ गए थे
दिल्ली में महिपालपुर फ्लाईओवर के नीचे हम कार चेस का एक्शन सीक्वेंस शूट कर रहे थे। इसमें इमरान खान, पूर्णा जगन्नाथन, राहुल सिंह सहित दो-तीन गाड़ियां थीं। लेकिन उसी दौरान अचानक एक्शन डायरेक्टर की तबीयत काफी खराब हो गई। उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती कराना पड़ा। उसी दौरान मुझे भी जबर्दस्त कफ एंड कोल्ड हुआ था। मैं कंटीन्यू खांस रहा था। वह तकलीफ भरे दो दिन किस तरह से गुजारे, मैं ही जानता हूं। इसके बावजूद पूरा एक्शन सीक्वेंस मुझे डायरेक्ट करना पड़ा, क्योंकि एक्शन डायरेक्टर बीमार पड़ गए थे। यह बड़ी कठिनाई भरा समय था, लेकिन दो दिन का शूटिंग शेड्यूल था और दो दिन में ही खत्म हो गया। प्राउडली कह सकता हूं कि मेरे नाम पर एक एक्शन सीक्वेंस भी दर्ज है।

चांदनी चौक में शूट करने को लेकर, तीनों स्टार काफी डरे हुए थे
एक सीक्वेंस दिल्ली के चांदनी चौक में शूट हुआ था, जहां इमरान, कुणाल और वीर दास बुरखा पहनकर भाग रहे हैं। इस सीक्वेंस को किसी भी हालात में चांदनी चौक में ही फिल्माना था, लेकिन भीड़ के कारण वहां शूटिंग करना बड़ा चैलेंजिंग था। शूटिंग के लिए काफी मेहनत-मशक्कत करके परमीशन ली। फिर भी परमीशन में कहा गया कि भीड़ बेकाबू होने पर हमारी जिम्मेदारी नहीं है। इसे फिल्माने की बारी आई, तब तीनों स्टार काफी डरे हुए थे। उनका कहना था कि इसके लिए एक्स्ट्रा को बुरखे के अंदर डाल दो। लेकिन जब उन्हें समझाया कि तुम्हारा बॉडी स्ट्रक्चर, चलने-भागने की स्टाइल जो है, वह दूसरों से मैच नहीं होगी। किसी तरह से पटाकर तीनों को तैयार किया। तीनों को बुरखे में डाला और बुरखा न उठाने की सख्त हिदायत दी। इस तरह कैमरे ढंक कर छिपते-छिपाते शूट किया और किसी को पता ही नहीं चला। अगर लोगों को पता चल जाता, तब भीड़ से निकलना मुश्किल हो जाता।

कुणाल रॉय कपूर ने साल भर में उगाई दाढ़ी, आठ महीने रसगुल्ले खाकर बढ़ाया 16 किलो वजन
फिल्म में कुणाल रॉय कपूर का जो दाढ़ी-बाल थे, वह ओरिजनल थे। उसे उगाने में साल भर लगा। मुझे चाहिए था कि कैरेक्टर थोड़ा मोटा हो, लेकिन उस समय कुणाल उतने मोटे नहीं थे। मैंने उसको कम से कम आठ महीने तक रोजाना छह रसगुल्ले और छह गुलाब जामुन खिलाए। फिल्म के लिए उन्होंने कम से कम 16 किलो वजन बढ़ाया था। उसके साथ लंच पर बैठता था, तब बोलता था कि बेटा खाना शुरू कर दो। वे कहते थे कि प्लीज मत दो, लेकिन उसका फायदा भी हुआ था।

इमरान के मेकअप में लगते थे दो घंटा, वीर दास को किया गया गंजा
पिक्चर में ऐसे काफी सीक्वेंस थे, जहां पर इमरान को मार लगती है। उनके गाल और आंख पर सूजन आ जाती है। ऐसे सीन शूट करने की बारी आती थी, तब उनका मेकअप करने में कम से कम दो घंटे लगते थे। बाकी सब कुछ सच था, किसी को दाढ़ी-बाल के लिए बिग नहीं पहनना पड़ा। फिल्म में एक सीन है, जहां वीर दास गंजे हो जाते हैं। इसके लिए उनको कोई विग नहीं लगाया गया, बल्कि उन्हें सचमुच में गंजा किया गया था। फिल्म में ऐसे-ऐसे किस्से हैं, जिसे बताने में तीन-चार घंटे निकल जाएंगे।

देली बेली का सेकंड पार्ट तो नहीं, उस टाइप की फिल्म बनाएंगे इतना तो तय है
फिल्म के सीक्वल आने की उम्मीद तो मुझे भी थी। हमारे राइटर अक्षत वर्मा को पहला पार्ट लिखने में 9 साल लग गए थे। फिल्म रिलीज होने तक लिटरली 10 साल हो गए थे। सेकंड पार्ट के लिए लीड तो छोड़ी थी, लेकिन किसी रीजन से वह जमकर आया नहीं। लेकिन अभी भी वह वक्त गुजरा नहीं है। शायद आगे बन जाए। देली बेली का सेकंड पार्ट तो नहीं, लेकिन उस टाइप की, उस जोनर की एक फिल्म लिखकर तैयार है। मैं उसे बनाने की सोच रहा हूं। एक्चुअली, दो फिल्में हैं। भले ही वह देली बेली का दूसरा पार्ट न हो, पर देली बेली टाइप की फिल्म है। दस साल के बाद उसका प्रयास करने वाला हूं और उसकी प्रोसेस में हूं। इसे एक यंग राइटर लिख रहे हैं। हम दोनों मिलकर कहानी बना रहे हैं। वह कुछ महीनों में बनकर रेडी हो जाएगी, तब हम देखेंगे। इसे आने वाले साल में जरूर बनाएंगे, इतना तो तय है।

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