Gulshan Kumar murdered by underworld don abu salem, know complete story | जूस की दुकान पर काम करते-करते कैसेट किंग बने थे गुलशन कुमार, अंडरवर्ल्ड ने फ़िरौती ना मिलने पर करवा दिया था मर्डर, मंदिर के बाहर मारी थी 16 गोलियां

Gulshan Kumar murdered by underworld don abu salem, know complete story | जूस की दुकान पर काम करते-करते कैसेट किंग बने थे गुलशन कुमार, अंडरवर्ल्ड ने फ़िरौती ना मिलने पर करवा दिया था मर्डर, मंदिर के बाहर मारी थी 16 गोलियां

एक मिनट पहले

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टी-सीरीज के फाउंडर गुलशन कुमार की हत्या की मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने दोषी अब्दुल रउफ की याचिका खारिज कर दी। अदालत ने मुंबई सेशन कोर्ट की ओर से रउफ को सुनाई गई उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा है। वहीं, रमेश तौरानी को आरोपों से बरी कर दिया है।

अबु सलेम ने सिंगर गुलशन कुमार से हर महीने 5 लाख रुपये देने के लिए कहा था।

अबु सलेम ने सिंगर गुलशन कुमार से हर महीने 5 लाख रुपये देने के लिए कहा था।

अंडरवर्ल्ड मांग रहा था पैसे
12 अगस्त 1997 को मुंबई के साउथ अंधेरी इलाके में स्थित जीतेश्वर महादेव मंदिर के बाहर गोली मारकर गुलशन की हत्या कर दी गई थी। अबु सलेम ने सिंगर गुलशन कुमार से हर महीने 5 लाख रुपये देने के लिए कहा था। गुलशन कुमार ने मना करते हुए कहा था कि इतने रुपये देकर वो वैष्णो देवी में भंडारा कराएंगे। इस बात से नाराज सलेम ने शूटर राजा के जरिए गुलशन कुमार का दिन दहाड़े मर्डर करवा दिया था।

गुलशन कुमार को मारी गई थी 16 गोलियां
गुलशन कुमार मंदिर में बिना बॉडीगार्ड के पूजा के लिए जा रहे थे। इसी दौरान मंदिर के बाहर तीन हमलावरों ने एक के बाद एक 16 गोलियों से उन्हें छलनी कर दिया था। उनके ड्राइवर ने उन्हें बचाने की कोशिश की तो शूटर्स ने उसे भी गोली मार दी। गुलशन कुमार को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो चुकी थी।

नदीम-श्रवण जोड़ी गुलशन कुमार की पसंदीदा जोड़ी बन गई और उन्होंने टी-सीरीज की कई फिल्मों में एक से बढ़कर एक संगीत दिया।

नदीम-श्रवण जोड़ी गुलशन कुमार की पसंदीदा जोड़ी बन गई और उन्होंने टी-सीरीज की कई फिल्मों में एक से बढ़कर एक संगीत दिया।

आरोप लगा कि इस हत्या की प्लानिंग में नदीम का हाथ है। इस केस में नाम सामने के बाद नदीम इंग्लैंड भाग गए। 2002 में एक भारतीय कोर्ट ने सबूत ना होने की वजह से उनके खिलाफ हत्या में शामिल होने के केस को रद्द कर दिया गया लेकिन उनकी गिरफ्तारी के वारंट को वापस नहीं लिया गया जिसके कारण नदीम आज भी परेशान हैं।

जूस की दुकान पर करते थे काम
गुलशन कुमार का जन्म एक पंजाबी परिवार में 1956 में दिल्ली में हुआ था। गुलशन ने दिल्ली के देशबंधु कॉलेज से स्नातक की डिग्री हासिल की थी। दिल्ली के दरियागंज इलाके में उनके पिता चंद्रभान की एक जूस की दुकान थी, जहां गुलशन उनके साथ काम करते थे।

जूस की दुकान में काम करते-करते गुलशन ऊब गए थे। ऐसे में एक दिन उनके पिता ने एक दुकान और ली जिसमें सस्ती कैसेट्स और गाने रिकॉर्ड कर बेचे जाते थे। बस यहीं से गुलशन कुमार के करियर ने करवट बदली। गुलशन ने सुपर कैसेट्स इंडस्ट्रीज लिमिटेड कंपनी बनाई जो भारत में सबसे बड़ी संगीत कंपनी बन गई और उन्हें कैसेट किंग कहा जाने लगा। उन्होंने इसी संगीत कंपनी के तहत टी-सीरीज की स्थापना की। गुलशन ने नोएडा में एक प्रोड्क्शन कंपनी खोली। धीरे-धीरे वे भक्ति गीत और भजन गाने के चलते पॉपुलर होने लगे। गुलशन ने अपने बिजनेस को बढ़ता देख मुंबई शिफ्ट होने की सोची।

मुंबई में बदली किस्मत
मुंबई आने के बाद गुलशन की किस्मत बदल गई। उन्होंने तकरीबन 15 से ज्यादा फिल्में प्रोड्यूस की जिनमें एक फिल्म ‘बेवफा सनम’ को उन्होंने डायरेक्ट भी किया। उनकी पहली प्रोड्यूस की गई फिल्म 1989 में आई ‘लाल दुपट्टा मलमल का’ थी। लेकिन उन्हें असल पहचान साल 1990 में आई फिल्म ‘आशिकी’ से मिली।

गुलशन कुमार के बेटे संभाल रहे काम
जब गुलशन की हत्या हुई तो उससे पहले ही वे म्यूजिक की दुनिया के इंटरनेशनल ब्रांड बन चुके थे। टी-सीरीज का नाम टॉप म्यूजिक कंपनियों में भी होने लगा। रिपोर्ट्स की मानें तो टी-सीरीज का बिजनेस 24 देशों के साथ-साथ 6 महाद्वीप में तक फैला हुआ है। फिलहाल टी-सीरीज कंपनी को गुलशन कुमार के बेटे भूषण कुमार संभाल रहे हैं। कंपनी के तहत कई सुपरहिट फिल्मों को प्रोड्यूसर किया गया है। कंपनी ने ‘रेडी’ (2011), ‘आशिकी 2’ (2013), ‘हेट स्टोरी 4’ (2014), ‘बेबी’ (2015), ‘भाग जॉनी’ (2015), ‘एयरलिफ्ट’ (2016), ‘बादशाहो’ (2017) सहित अन्य फिल्मों को प्रोड्यूस किया है।

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