More than 1700 crores entangled in 22 films, many new films announced, but Bollywood is still in wait and watch mode | 22 फिल्मों में 1700 करोड़ से ज्यादा फंसे, कई नई फिल्मों की भी घोषणा, मगर बॉलीवुड अभी वेट एंड वॉच मोड में

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मुंबई19 मिनट पहलेलेखक: हिरेन अंतानी

  • 27 जुलाई को रिलीज होने वाली बेलबॉटम अब अगस्त की आस में
  • अभी बॉलीवुड का काम पटरी पर नहीं, सिर्फ 5% प्रोडक्शन हो रहा

बॉलीवुड में फिल्म रिलीज का कैलेंडर एक बार फिर फेल होता दिख रहा है। अक्षय कुमार की ‘बेल-बॉटम’ 27 जुलाई को रिलीज होने वाली थी, लेकिन अब यह फिल्म शायद 15 अगस्त के वीकेंड पर आ सकती है। बॉलीवुड फिर ‘वेट एंड वॉच’ मोड पर है। बैकलॉग बढ़ रहा है। 22 फिल्मों में 1700 करोड़ से ज्यादा फंसे हैं। दूसरी ओर प्रोडक्शन तेजी से शुरू नहीं हो सका है। नई फिल्में अनाउंस तो हो रही हैं, लेकिन ये समय पर कंप्लीट हो पाएंगी या नहीं, ये कोई नहीं जानता।

आइए बॉलीवुड के बैकलॉग पर एक नजर डालते हैं…

फिल्में कम पड़ जाएंगी

ट्रेड एनालिस्ट कोमल नाहटा ने दैनिक भास्कर को बताया कि ज्यादा फिल्में रिलीज की राह में होने के बावजूद ओवर सप्लाई की स्थिति नहीं आएगी, क्योंकि इनमें से कई फिल्में ओटीटी की ओर जा सकती हैं। दूसरी तरफ प्रोडक्शन अभी बहुत स्लो है। ऐसे में मुझे तो लग रहा है कि आने वाले समय में थिएटर में दिखाने के लिए फिल्में कम न पड़ जाएं।

कहीं सिनेमा खुल चुके हैं, कहीं अब तक नहीं। बड़ी फिल्में 80% ऑक्यूपेंसी तक इंतजार कर लें, ऐसा हो सकता है। इसलिए अभी जहां परमिशन है, वहां पर भी थिएटर्स ओनर्स एकदम से थिएटर नहीं खोल रहे।

प्रोडक्शन सिर्फ 5% हो रहा है

नॉर्मल स्थिति से तुलना करें तो अभी 5% जितना भी काम नहीं हो रहा। मुंबई में अभी भी पाबंदियां हैं। इसका असर पड़ रहा है। तोड़े जा चुके सेट फिर से खड़े करने हैं।

हर एक्टर दो या तीन फिल्में कर रहा है। उनके को-एक्टर एक से ज्यादा फिल्म कर रहे हैं। सबकी डेट्स खराब हो गईं। अब किसको डेट दें, किस को न दें, यह बहुत झंझट है। सारे स्टार्स और दूसरे लोगों के काॅम्बिनेशन वाले डेट्स मिलाना है। यह सब कोऑर्डिनेशन में जान निकल जाती है।

रिलीज की जल्दबाजी कोई नहीं करेगा

बीते साल नवंबर-दिसंबर में ऐसा लग रहा था कि सब कुछ नॉर्मल हो रहा है। एक साथ 20-20 फिल्मों की रिलीज डेट अनाउंस हो गई थीं, मगर बाद में सेकेंड वेव आ गई। इनमें से ज्यादातर फिल्में नहीं आ पाईं। इसलिए इस बार प्रोड्यूसर्स चुप हैं। वह सोच-समझकर ही रिलीज डेट अनाउंस नहीं कर रहे।

नई फिल्म अनाउंस करना आसान है

कोमल कहते हैं कि इंडस्ट्री में मनी रोटेशन रुक गया है, प्रोडक्शन भी स्लो है। इससे नई फिल्मों की अनाउंसमेंट पर कोई फर्क नहीं पड़ा, क्योंकि अभी तो सिर्फ साइनिंग अमाउंट देनी है। एक्टर्स भी स्थिति समझते हैं, तो वो कहते है कि अभी अनाउंस कर दो, साइनिंग अमाउंट बाद में दे देना।

यह शो बिजनेस है, रुकेगा नहीं

आखिर में यह शो बिजनेस है। यह रुक नहीं सकता। सबको पता है कि कभी न कभी तो नॉर्मल स्थिति आएगी ही। ये फिल्म वाले हैं। कोई स्क्रिप्ट लिखना जानता है, कोई एक्टिंग जानता है। वह इसके सिवा और कोई काम जानते ही नहीं, इसलिए फिल्म अनाउंस होती रहेगी और काम जारी रखेंगे।

अच्छी स्थिति की उम्मीद किसे नहीं

शायद भगवान को भी नहीं पता कि कब स्थिति सामान्य होगी। हर क्षेत्र में हर आदमी यह सोचकर काम करने लगा है कि आज नहीं तो कल नॉर्मल स्थिति आ जाएगी। यही सोचकर नई फिल्में भी अनाउंस हो रही हैं। शूटिंग, पोस्ट प्रोडक्शन समय पर खत्म करके डेढ़ साल में फिल्म खत्म हो जाएगी, ऐसा सोचकर कुछ ने तो रिलीज डेट भी अनाउंस कर दी है।

किसी अनुमान का कोई मतलब नहीं

कोमल बताते हैं कि बड़ी फिल्में साथ-साथ आएंगी या नहीं, उसका क्या रिजल्ट होगा, कुछ कह नहीं सकते। मैं कुछ भी अनुमान दे दूं, इसका कोई मतलब नहीं है। कोई बड़ी फिल्म शायद 100% ऑक्यूपेंसी के लिए रुकी है या शायद ओटीटी पर भी आ सकती है। यह सारी संभावनाएं हैं, मैं शायद कहकर कुछ भी बोलूं, वह ठीक नहीं होगा।

अभी कम्फर्ट लेवल नहीं आया

फिल्म प्रोड्यूसर एंड ट्रेड एनालिस्ट गिरीश जौहर ने दैनिक भास्कर को बताया कि बॉलीवुड में अभी वेट एंड वॉच का माहौल है। फिल्म प्रोडक्शन में कम्फर्ट लेवल नहीं आया है। कम समय मिलता है। काफी रिस्ट्रिक्शंस भी हैं। प्रोडक्शन की रफ्तार कम हुई है, लेकिन जब नॉर्मल स्थिति आ जाएगी, तो वह बढ़ जाएगी। वैसे कुछ महीनों बाद बॉलीवुड अपनी एवरेज पर आ जाएगा।

पहले पेंडिंग फिल्में रिलीज होंगी। कुछ ओटीटी पर जाएंगीं। तब तक अभी जो प्रोडक्शन के फाइनल स्टेज में हैं, वे फिल्में तैयार हो जाएंगी।

हालात नॉमर्ल होते-होते दिवाली आ जाएगी

गिरीश जौहर कहते हैं कि पहले भी हुआ है कि एक महीने में चार बड़ी फिल्म आ जाएं और चारों चल जाएं। शर्त यह है कि लोग कॉन्फिडेंस से थिएटर में आने चाहिए और कंटेंट अच्छा होना चाहिए।

थिएटर शुरू होते ही हाउसफुल नहीं होने वाले। फिल्म देखने और दिखाने दोनों के बारे में एक कॉन्फिडेंस लेवल आते-आते दो-तीन महीने लग जाएंगे। अगस्त में फिल्में आनी शुरू हो जाएं तो भी बॉक्स ऑफिस पर नॉर्मल जैसा माहौल तो दिवाली पर ही आएगा।

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