Purva Parag will be seen opposite Sanjay Mishra in the film ‘Woh Teen Din’, earlier played the character of Irrfan Khan’s wife in ‘Madaari’ | पूर्वा पराग नजर आएंगी संजय मिश्रा के अपोजिट फिल्म ‘वो तीन दिन’ में, इससे पहले ‘मदारी’ में निभाया था इरफान खान की वाइफ का किरदार

Purva Parag will be seen opposite Sanjay Mishra in the film 'Woh Teen Din', earlier played the character of Irrfan Khan's wife in 'Madaari' | पूर्वा पराग नजर आएंगी संजय मिश्रा के अपोजिट फिल्म 'वो तीन दिन' में, इससे पहले 'मदारी' में निभाया था इरफान खान की वाइफ का किरदार
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7 घंटे पहलेलेखक: उमेश कुमार उपाध्याय

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‘बर्फी’, ‘हंसी तो फंसी’, ‘मदारी’, ‘कोयलांचल’ आदि फिल्मों सहित ‘ढाबा जंक्शन’, ‘आविष्कार’, ‘हम सफर’, ‘उपनिषद गंगा’, ‘सरोजनी’, ‘क्या कसूर अमला का’, ‘सर्वगुण संपन्न’ आदि सीरियल्स कर चुकी पूर्वा पराग की हाल ही में रिलीज हुई वेब सीरीज ‘ग्रहण’ है। इन दिनों ‘जय संतोषी मां’ में कुंती का किरदार निभा रहीं पूर्वा की आगामी फिल्म संजय मिश्रा के साथ ‘वो तीन दिन’ होगी। दैनिक भास्कर के खास बातचीत के दौरान पूर्वा ने अपने करियर, सीरियल और फिल्मों के बारे में बात की।

Q.सबसे पहले फैमिली बैकग्राउंड के बारे में बताइए और एक्टिंग लाइन में आना कैसे हुआ?
A.मैं इंदौर की रहने वाली हूं। साथ ही साहित्य और शिक्षा परिवार से हूं। मेरे बड़े पापा प्रसिद्ध व्यंग्यकार शरद जोशी और पापा वरिष्ठ पत्रकार लेखक रोमेश जोशी थे। घर के बाकी लोग भी प्रोफेसर या टीचर थे। इस तरह घर का माहौल पढ़ाई-लिखाई का था। न्यूज पेपर और उपन्यास पढ़ना हमारे डिसिप्लिन में था। पढ़ाई करके डॉक्टर-इंजीनियर बनने की तैयारी में लगे थे। लेकिन मेरा इंटरेस्ट अलग ही फील्ड में था। मैंने कथक में एम.ए किया और फिर इंदौर में ही गर्ल्स डिग्री कॉलेज में लेक्चरर शिप में लग गई। लेकिन वहां समझ में आया कि सरकारी नौकरी मेरे नेचर में नहीं है। मैं उस दौरान पॉकेटमनी के लिए प्रोग्राम करती थी। उसे करते-करते थिएटर और फिर मीडिया में एक्टिंग करने लगी। फाइनली, थिएटर से जुड़ी तो एन.एस.डी के नामी डायरेक्टर संजय उपाध्याय से मुलाकात हुई। उनके सुझाए अनुसार, एन.एस.डी में साल 1999 में अप्लाय किया और सिलेक्ट हो गई। तीन साल की ट्रेनिंग लेकर बाहर आई, तब सागर सरहदी की फिल्म ‘चौसर’ और सोनिया गांधी पर बनी फिल्म ‘सोनिया सोनिया’ में लीड रोल निभाया। लेकिन ये दोनों फिल्में रिलीज नहीं हुई, उसके बाद मैंने टेलीविजन की तरफ रुख किया।

Q.टेलीविजन पर आप कौन-कौन से सीरियल कर चुकी हैं। इन दिनों आप कितनी व्यस्त हैं?
A.मुंबई आने के बाद मुझे पहला सीरियल ‘ढाबा जंक्शन’ मिला। इस शो में मैंने जसपाल भट्‌टी की बेटी का रोल प्ले किया था। इसके बाद ‘आविष्कार’, ‘हम सफर’, ‘उपनिषद गंगा’, ‘जासूस विजय’, ‘सरोजनी’, ‘क्या कसूर अमला का’, ‘सर्वगुण संपन्न’ आदि सीरियल कर चुकी हूं। इन दिनों की व्यस्तता की बात करूं तो मैं ‘जय संतोषी मां’ में कुंती का किरदार निभा रही हूं। कुंती संतोषी मां की भक्त है। वह अंगूठा छाप है, पर बहुत पॉवरफुल है। मेरी हालिया रिलीज वेब सीरीज ‘ग्रहण’ थी। इसके अलावा ‘बर्फी’ से लेकर ‘हंसी तो फंसी’, ‘मदारी’, ‘कोयलांचल’, ‘गफला’, ‘रक्षक’ आदि फिल्मों की हिस्सा रही हूं। पाइप लाइन में मेरे पास कुछ वेब सीरीज और फिल्में हैं। इसे अनाउंस करने के लिए फिल्ममेकर माहौल सुधरने का इंतजार कर रहे हैं। फिर भी मुझे संजय मिश्रा के अपोजिट फिल्म ‘वो तीन दिन’ में काम दिया गया है। इसके अलावा मैं एक और बेहतरीन फिल्म की शूटिंग शुरू करने वाली हूं।

Q.‘जय संतोषी’ में कहानी क्या मोड़ लेने वाली है?
A.कुंती की बहू, स्वाति मां बनने वाली है, जबकि संतोषी मां के अपोजिट देवी पालोमी षड्यंत्र रचती है। वह स्वाती को नुकसान पहुंचाना चाहती है। पालोमी की भक्त, स्वाति के पति इंद्रेश को उससे दूर ले जा रही है। दूसरी तरफ पूरा परिवार
स्वाति के साथ खड़ा हुआ है। स्वाति कैसे अकेले डिलीवरी के सात महीने बिताएगी, परिवार कैसे उसका साथ देगा शो में आगे यही ट्रैक चलने वाला है।

Q.‘बर्फी’, ‘मदारी’, ‘कोयलांचल’ आदि फिल्मों से जुड़ा कोई एक रोचक किस्सा बताइए?
A.’मदारी’ में मेरा रोल इरफान खान की वाइफ का था, जो अपनी पत्नी को छोड़कर चला जाता है। इस तरह मैं फिल्म की कहानी के शुरुआत और क्लाइमेक्स में थी। इरफान के साथ सिर्फ एक दिन शूट किया था। मैं भी एन.एस.डी से हूं, मगर सेट पर पहुंची तो इरफान के साथ काम करने को लेकर डरी हुई थी। खैर, ऊपर से नॉर्मल दिखने की कोशिश कर रही थी। निर्देशक निशिकांत कामत के साथ बहुत पहले काम कर चुकी थी। सेट पर पहुंची तो उनसे पूछा- सर! इसमें मुझे कैसे कास्ट किया? उन्होंने कहा कि तुम इतनी फ्रेश और खुश दिखती हो कि कुछ भी नहीं करोगी, तब भी अच्छी लगोगी। हमारी बातचीत चल ही रही थी कि वहां पर इरफान सर आ गए। निशिकांत जी ने इरफान सर से मेरा परिचय करवाया, तब बातचीत का सिलसिला ऐसा शुरू हुआ कि उन्होंने मुझे ऐसा कंफर्टेबल करवाया कि हम परिवार के सदस्य की तरह हो गए। सीन के मुताबिक मेरी गोद से जब इरफान बेटे को लेते हैं, तब बड़ा इमोशनल सीन बन पड़ता है। उन्हें लाइव काम करते हुए देखा, यह मेरे करियर का गोल्डन पेज था।

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